भारत का बजट 2026-27 (Union Budget 2026)

(फोटो by ChatGPT )

भारत का बजट 2026-27 (Union Budget 2026) — परिचय

भारत का केंद्रीय बजट हर वर्ष वित्त मंत्री द्वारा 1 फरवरी को संसद में पेश किया जाता है। यह उस आर्थिक वर्ष (1 अप्रैल से अगले साल 31 मार्च तक) के लिए सरकार की राजस्व और व्यय योजना है — मतलब सरकार कितनी कमाएगी, कहाँ खर्च करेगी, और किन क्षेत्रों को प्रोत्साहन देगी।
2026 का बजट वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए है और इसे निर्मला सीतारमण, भारत की वित्त मंत्री ने संसद में पेश किया। यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा बजट और सीतारमण का 9वाँ बजट है।
इस बजट का मूल उद्देश्य है:
विकास को तेज़ करना
रोजगार पैदा करना
आधारभूत संरचना (Infrastructure) को मजबूत करना
बिजनेस और निवेश को आसान बनाना
टैक्स प्रणाली सुधारना
नया आर्थिक सुधार रोडमैप देना


🧾 बजट का आकार (Total Size of Budget)


बजट 2026-27 का कुल आकार अनुमानतः लगभग ₹54 लाख करोड़ (54.1 लाख करोड़ रुपये) है। यह पिछले साल के बजट की तुलना में लगभग 7.9% अधिक है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार ने खर्च बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया है।

 
💡 बजट चार भागों में विभक्त होता है:
Annual Financial Statement (मूल बजट खर्च और आय)
Finance Bill (वित्त बिल – टैक्स संबंधी प्रस्ताव)
Appropriation Bill (ज़रूरी खर्च की मंज़ूरी)
Part-B: विस्तृत योजनाओं और नई पहल का भाग
इस साल का बजट Part-B में ज्यादा विस्तार के साथ पेश किया गया, जिसका मतलब है कि सरकार ने भविष्य की योजनाओं और दृष्टिकोण पर काफी जोर दिया है।

 
📊 मुख्य आर्थिक लक्ष्य और Fiscal Policy


📌 1. GDP ग्रोथ और अर्थव्यवस्था का रुझान
भारत की अर्थव्यवस्था इस साल भी मजबूत बनी हुई है। सरकार ने अनुमान लगाया है कि FY26 के लिए GDP वास्तविक वृद्धि (Real GDP Growth) लगभग 7.4% तक रहेगी
GDP का मतलब है कुल राष्ट्रीय उत्पादन और सेवाओं का मान, और यदि यह वृद्धि अधिक है तो अर्थव्यवस्था मजबूत और गतिशील मानी जाती है।


📌 2. Fiscal Deficit (राजकोषीय घाटा)
सरकार ने FY27 के लिए राजकोषीय घाटे को लगभग 4.3% तक रखने का लक्ष्य रखा है, जबकि FY26 में यह लगभग 4.4% था। राजकोषीय घाटा मतलब सरकार खर्च करती है उससे ज्यादा कितना उधार ले रही है।
छोटा घाटा बताता है कि सरकार वित्तीय अनुशासन का पालन कर रही है — यानी खर्च बहुत बढ़ रहा है लेकिन आय भी उसके अनुरूप आ रही है


🏗️ विशाल पूंजीगत व्यय और Infrastructure Push

2026-27 के बजट का सबसे बड़ा रोडमैप Infrastructure पर है।


1. रिकॉर्ड Capex (Capital Expenditure)


सरकार ने FY27 के लिए पूंजीगत व्यय (Capex) को ₹12.2 लाख करोड़ रखा है — जो अब तक का सबसे बड़ा है। यह पैसा सड़कें, रेल, पुल, जल परियोजनाएँ, एयरपोर्ट, पावर ग्रिड, नहरें आदि के निर्माण के लिए खर्च होगा।
📌 इससे अर्थव्यवस्था को दो प्रमुख लाभ होंगे:
किसानों, मजदूरों और श्रमिकों को रोज़गार मिलेगा
लोगों और व्यापारियों के लिए पैदावार और लॉजिस्टिक खर्च कम होंगे


2. High-Speed Rail Corridors
बजट में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है, जो भारत के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ेंगे, जैसे:
मुंबई–पुणे
पुणे–हैदराबाद
हैदराबाद–बेंगलुरु
चेंन्नई–बेंगलुरु
दिल्ली–वाराणसी
वाराणसी–सिलिगुड़ी आदि
इनसे यातायात का समय कम होगा और इंडिया की लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ेगी


3. National Waterways और Coastal Shipping
सरकार ने 20 नए नेशनल वाटरवेज़ की घोषणा की है, जिससे नदी मार्ग से माल ढुलाई को बढ़ावा मिलेगा और सड़क/रेल की ज़रूरत कम होगी।

 
🏭 उद्योग और विनिर्माण (Manufacturing & Industrial Growth)


बजट ने मैन्युफैक्चरिंग को राष्ट्र का अगला विकास इंजन बताया है। विशेष योजनाएँ हैं:


1. Biopharma SHAKTI


यह एक नई पहल है जिससे भारत को विश्व स्तर पर बायोफार्मा उत्पादन का हब बनाया जायेगा। अगले 5 साल में इसके लिए ₹10,000 करोड़ खर्च होंगे, साथ ही तीन नए राष्ट्रीय फार्मा संस्थान खोले जाएंगे।
यह कैंसर, डायबिटीज जैसी बायोलॉजिकल दवाओं के उत्पादन में मदद करेगा।


2. India Semiconductor Mission 2.0


भारत ने सेमीकंडक्टर (चिप्स) उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ISM 2.0 शुरू किया ताकि डिज़ाइन, उत्पादन, उपादान श्रृंखला मजबूत हो सके।

 
3. Electronics Components और Container Manufacturing
इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेंट्स विनिर्माण के लिए ₹40,000 करोड़ की योजना।
कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग को समर्थन के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रावधान।

 
4. Legacy Industrial Cluster Revamp
बजट में 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टर्स को तकनीक और आधारभूत संरचना के साथ पुनर्जीवित करने की योजना भी है।

 
💼 कृषि और ग्रामीण विकास


कृषि क्षेत्र के लिए बजट में कई घोषणाएँ हैं — हालांकि कभी किसी साल की तरह भारी आवंटन नहीं है, परंतु उत्पादकता को बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार पर ध्यान दिया गया है।
मुख्य बिंदु:


कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए तकनीक का उपयोग।
क्लाइमेट-रेज़िलिएंट (जलवायु-सहनशील) कृषि को समर्थन।
किसानों को डिजिटल एआई उपकरण और सलाह प्राप्त करने के साधन देना।

 
📚 शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास
शिक्षा और रोजगार भी बजट का केन्द्रीय हिस्सा है।
कुछ मुख्य घोषणाएँ:
15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स खोलने का लक्ष्य।
युवाओं और श्रमशक्ति को डिजिटल कौशल और शिक्षा-रोजगार कार्यक्रमों में अधिक अवसर प्रदान करना।
गर्ल्स हॉस्टल परियोजनाओं पर फोकस — हर जिले में बेटियों के लिए हॉस्टल खोलने का लक्ष्य भी रखा जा रहा है।

 
📊 टैक्स में बदलाव (Taxes & Fiscal Measures)


बजट में टैक्स में कई सुधार और स्थिरीकरण के कदम भी उठाए गए हैं:
📌 इनकम टैक्स स्लैब
इस साल इनकम टैक्स स्लैब्स में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, यानी मौजूदा श्रेणियाँ बनी रहेंगे।

 
📌 कर छूट और सुविधाएँ
I.T.R. correction window (कर अद्यतन करने की विंडो) को माला की तारीख तक बढ़ाया गया
टैक्स-होलीडे प्रस्तावित है उन विदेशी कंपनियों के लिए जो भारतीय डेटा सेंटर का उपयोग कर सेवाएँ देती हैं।

 
📌 STT में बदलाव
सेक्युरिटीज ट्रांज़ैक्शन टैक्स (STT) को फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर तीन गुना बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है — इससे शेयर बाजार में कुछ निवेशकों पर प्रभाव पड़ेगा।

 
🏥 स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र
बजट में स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है:
बायोफार्मा उत्पादन में वृद्धि से महंगी दवाओं की क़ीमतों पर नियंत्रण में मदद।
स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार सृजन और सेवा विस्तार पर ध्यान।

 
🪖 रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा
बजट ने रक्षा क्षेत्र के लिए भी बड़ा आवंटन रखा है — रक्षा लागत बढ़ाई गई है ताकि सेना की आधुनिक तकनीक, उपकरण और राष्ट्रीय सुरक्षा तैयारियाँ बेहतर हो सके।

 
🏦 बैंकिंग, वित्तीय सुधार, सरकारी नीतियाँ

बजट में वित्तीय ढांचे और बैंकिंग सुधारों को भी गंभीरता से लिया गया है:
FEMA समीक्षा और नए निवेश वातावरण के लिए सुधारों की घोषणा।
Banking Sector High Level Committee का गठन।
Infrastructure Risk Guarantee Fund जैसी योजनाएँ निवेश के जोखिम को कम करेंगी।
इन सुधारों का लक्ष्य है बैंकिंग प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुलभ और डिजिटल-फ्रेंडली बनाना


📃 सरकार का Vision 2047


बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र (Viksit Bharat 2047) बनाने की योजना का रोडमैप भी है। इसमें:
टेक्नोलॉजी, R&D, वैश्विक व्यापार रणनीति
मानव पूंजी विकास
सतत विकास और हरित ऊर्जा जैसे लक्ष्य शामिल हैं।

 
📌 क्या यह बजट आम नागरिकों को प्रभावित करेगा?


हां — बजट का प्रभाव आम नागरिकों पर कई तरीकों से पड़ेगा:
👍 सकारात्मक प्रभाव


अधोसंरचना में निवेश बढ़ने से रोजगार और आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी
उद्योग और तकनीकी विकास के कारण नई नौकरियाँ मिलेंगी
GST और कॉर्पोरेट टैक्स सुधारों से व्यवसायों को राहत
🤔 नकारात्मक/चुनौतियाँ


STT टैक्स में बढ़ोतरी से शेयर बाजार पर कुछ असर
कुछ स्थानों पर महंगाई और उपभोग लागत को नियंत्रित करना कठिन हो सकता है


🌍 सरकार की प्रतिक्रिया एवं राजनीतिक दृष्टिकोण


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री दोनों ने इस बजट को “एक Visionary तथा Growth-Oriented” बजट बताया और कहा कि यह गैर-सीमित सोच वाला बजट है जो भारत की विकास यात्रा को और मजबूत करेगा

 
🔚 निष्कर्ष (Summary)


भारत का बजट 2026-27 एक विकास-मूलक, ढांचागत निवेश-आधारित और दीर्घकालिक दृष्टिकोण वाला बजट है जिसमें:
✔ सबसे बड़ी पूंजीगत व्यय योजना
✔ उद्योग और विनिर्माण को समर्थन
✔ उच्च-तकनीकी सेक्टरों का विस्तार
✔ किसानों, युवाओं और MSME को समर्थन
✔ टैक्स सुधारों और वित्तीय ढांचे में सुधार
✔ राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र को मजबूत किया गया
✔ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को प्राथमिकता दी गई
यह बजट भारत को 2030 और 2047 के उद्देश्य की ओर तेजी से आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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